श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र के फायदे |Shree Shivay Namastubhyam Mantra

श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र के फायदे-मित्रो, आपने शिव पुराण के बारे में तो सुना या पढ़ा होगा ही, यह मंत्र शिव पुराण का महत्वपूर्ण मंत्र है। वैसे तो भोलेनाथ के सभी मंत्र बहुत अधिक प्रभावशाली होते है, किंतु इस मंत्र का प्रभाव सबसे अधिक है। अगर आप भी इस मंत्र का जाप करते है तो आपकी जिंदगी भी खुशियों से भर जायेगी। इस मंत्र का जाप करने से शिव जी आपकी मनोकामना को पूरा करते है। आइए हम आपको इसका पूर्ण अर्थ बताएंगे और साथ में इस मंत्र को पढ़ने की विधि और नियम के बारे में भी बताएंगे।

श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र का अर्थ ?

इस मंत्र में तीन शब्द है जिनका अर्थ जानना बहुत जरूरी है क्योंकि इसके अर्थ के बिना इसका जाप करना गलत होगा।

श्री शिवाय नमस्तुभ्यं

श्री – श्री

शिवाय – भगवान शिव

नमस्तुभ्यं – नमस्कार

अथार्थ इस मंत्र का पूर्ण अर्थ हे शिव जी आपको मेरा नमस्कार

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श्री शिवाय नमस्तुभ्यं के लाभ ?

दोस्तों, यह मंत्र महामृत्युंजय मंत्र के समान है। इसके बहुत से प्रभाव देखे गए है अगर आप भी इस मंत्र का जाप करते है तो आपकी मनोकामना पूरी होगी और साथ में आपको निम्नलिखित लाभ भी होंगे –

  • आपको महामत्र्युंजय मंत्र के लाभ के बारे में पता होगा और अगर हम श्री शिवाय नमस्तुभ्यं का जप मात्र 1 बार करते है तो यह 1000 महामत्र्युंज मंत्र के जप करने के बराबर होता है।
  • इस मंत्र का नियमित जाप करने से आपकी जीवन में सुख और खुशियां आती है।
  • इस मंत्र का जाप करने से आपको हमेशा धन संपदा में लाभ होगा।
  • इस मंत्र का जाप करने से आपका मन शांत रहता है, और आप नकारात्मक ऊर्जा से दूर रहते है।
  • इस मंत्र का जाप नियमित करने से आपकी इच्छा स्वयं भगवान शिव जी पूरी करते है।
  • अगर आप इस मंत्र का जाप करते है तो आपके सारे बिगड़े काम बन जायेंगे।
  • दोस्तों, इस मंत्र के कई लाभ है, इस मंत्र से कई सारे रोगों का इलाज भी किया जा सकता है आइए हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताते है।

रोगियों के लिए अमृत है श्री शिवाय नमस्तुभ्यं ?

इस शक्तिशाली मंत्र का जाप करने से आपके जीवन में तो बहुत लाभ मिलता ही है, किंतु इस मंत्र का जाप करने से आप कई सारे रोगों से भी बच सकते है, यकीन मानिए आप इसके लाभ को जानकर हैरान हो जाएंगे जो की निम्नलिखित है –

1: हार्टअटैक का उपचार – कई बार हार्ट अटैक से पीड़ित व्यक्ति को अचानक से इसकी समस्या होती है और अगर ऐसे में चिकित्सक के पास जाने में देर हो रही है तो आप इसके लिए एक उपाय कर सकते है।

आपको एक लोटा लेना है ध्यान रहे की यह स्टील का नही होना चाहिए। और इसमें जल भर ले और रास्ते में पड़ा एक कंकड़ डाले और फिर इस लोटे को मरीज के ऊपर से 21 उपाय और कंकड़ को बाहर फैंक दे और जल को पीपल के पेड़ में फैंक दे। 

यह विधि करने से मरीज को तुरंत लाभ देखने को मिलता है।

2:  लकवे में है असरदार – कई बार किसी व्यक्ति को एकाएक लकवा लग जाता है, इसके इलाज के लिए आप चिकित्सक के साथ साथ एक उपाय को भी कीजिए जिससे मरीज को लकवे में राहत मिलेगी।

इसके उपाय के लिए आपको सरसो के तेल की आधा लीटर की बोतल लेनी है और पाँच-पाँच काली मिर्ची, लोंग, कमलगट्टे, बेलपत्र, शनि पत्र लेकर शिव जी के ऊपर चढ़ा दीजिए और फिर इन सब चीजों को सरसो की बोतल में भर ले और रोगी को इस तेल से हर दिन लगभग आधे घंटे तक मालिश करें।

ऐसा करने से रोगी को 5 दिनो में लाभ देखने को मिलता है।

3: बुखार का उपचार – कभी कभी अचानक से किसी को बुखार आ जाता है और चिकित्सक को दिखाने में असमर्थ होता है तो ऐसी अवस्था में आप इसका उपाय कर सकते है।

आपको एक लोटे में जल लेना है और उसमे थोड़ा सा गाय का दूध लेना है और रास्ते में पड़ा कंकड़ डालकर, मरीज के सर से 7 बार उतार ले और फिर कंकड़ को निकाल कर फेंक दे और बचे जल को पीपल पर प्रवाह कर दे।

ऐसा करने से पीड़ित व्यक्ति को तुरंत लाभ देखने को मिलता है और उसका बुखार जैसे भी हो वह उतर जाता है। ध्यान रहे की दूध गाय का ही हो।

श्री शिवाय नमस्तुभ्यं का जप करने की विधियां ?

हर एक मंत्र का जाप करने के लिए एक अलग विधि होती है। उसी प्रकार श्री शिवाय नमस्तुभ्यं का जाप करने के लिए भी एक विधि है जिसको करने से ही आपको इस मंत्र का पूरा लाभ मिलता है।

माला – आपको इस मंत्र का जाप करने के लिए 108 मोटी की रुद्राक्ष की माला का जप करे। इस मंत्र का जाप करने के लिए इस मंत्र का उच्चारण कम से कम 108 बार अवश्य करें। 

प्रतिमा – शिव जी की प्रतिमा को सामने रख कर ही इस मंत्र का उच्चारण करें और शिव को नमस्कार करते हुए अपने मन में यह मंत्र का जाप करे।

समय – इस मंत्र का जाप करने के लिए आप कभी भी इसका जाप कर सकते है किंतु अगर आप इस मंत्र का जाप प्रातः काल में करते है तो इसका आपको अधिक लाभ देखने को मिलता है।

आसान – मंत्र का जाप करने के लिए आप किसी भी प्रकार के आसान का उपयोग कर सकते है किंतु अगर संभव है तो कुश या ऊन के आसान का प्रयोग करें इससे आपको अच्छा लाभ मिलेगा। 

ध्यान रहे की आप जिस भी आसान का उपयोग करें वह शुद्ध व पवित्र हो।

निष्कर्ष:

दोस्तों, आज मेने आपको अपने लेख की सहायता से श्री शिवाय नमस्तुभ्यं का अर्थ ?, श्री शिवाय नमस्तुभ्यं के लाभ ?, रोगियों के लिए अमृत है श्री शिवाय नमस्तुभ्यं ? और श्री शिवाय नमस्तुभ्यं का जप करने की विधियां ? इन सबके बारे में विस्तार से बताया है जिससे आपको इसका पूरा लाभ उठाने में मदद मिलेगी और आपके मन में अब कोई भी सवाल नही रहा होगा।

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