Pukhraj Stone Benefits in Hindi |पुखराज स्टोन के फायदे

Pukhraj Stone Benefits in Hindi-बहुत से लोगो के जीवन में बृहस्पति का बुरा प्रभाव पड़ता है, जिसकी वजह से जीवन में कई सारी समस्याएं आती रहती है, और वह व्यक्ति कठिनाइयों से बाहर नहीं आ पाता है। किंतु कहा जाता है की हर समस्या का हल होता है वैसे ही बृहस्पति के बुरे प्रभाव को खत्म करने के लिए पुखराज रत्न का उपयोग किया जा सकता है, किंतु इसके बारे में सभी जानकारी आपके पास होना अनिवार्य है। 

Pukhraj stone: ग्रह जब अपनी चाल में परिवर्तन करते है, तो मनुष्य के जीवन में इसके अच्छे और बुरे प्रभाव पड़ते है और जब मनुष्य के जीवन में बुरे प्रभाव पड़ते है तो ऐसे में ज्योतिष उनको मनुष्य के ग्रहों के हिसाब से रत्नों को धारण करने की सलाह देते है, और इन रत्नों की वजह से मनुष्य के जीवन को सुखमय किया जा सकता है।

रत्नों को धारण करने से मनुष्य के जीवन में सुख समृद्धि आती है और सफलता के नए रास्ते खुलते है। ऐसे ही चमत्कारी रत्नों में से एक है पुखराज रत्न। इस रत्न की यह खासियत होती है कि जिन व्यक्ति के जीवन के ब्रहस्पति का बुरा प्रभाव होता है, यह रत्न ब्रहस्पति के बुरे प्रभाव को खत्म कर देता है। 

पुखराज का महत्व ?Pukhraj Stone Benefits in Hindi

जैसा की मेने आपको बताया की ब्रहस्पति के प्रभाव को ठीक करने के लिए पुखराज एक अच्छा उपाय है और ऐसे में ये रत्न 30 दिन में अपना असर दिखाने लगता है। अगर ये रत्न किसी को अच्छे प्रभाव दिखाता है तो इस रत्न के वजह से उसका जीवन सुखमय और धन समृद्धि से भर जाता है। इस रत्न के कई सारे अपने अलग अलग लाभ होते है जिसके बारे में मेने नीचे आपको विस्तार से बताया है।

कौन कौन धारण कर सकता है पुखराज ?

मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक राशि के लोगो के लिए यह पुखराज बहुत लाभकारी होता है। बाकी राशियों के लिए पुखराज अपना गलत प्रभाव डालता है, जिसकी बात हम आगे करेंगे, राशि के हिसाब से ही रत्नों को धारण करना उत्तम परिणाम देता है। पुखराज को मुख्य रूप से ब्रहस्पति के दुष्प्रभाव को हटाने के लिए पहना जाता है।

किसको पुखराज रत्न नही धारण करना चाहिए ?

मेने आपको अपने लेख में बताया की किसको यह रत्न धारण करना चाहिए और अब मैं आपको बताता हूं की किसको यह रत्न नही पहनना चाहिए, उन लोगो को यह रत्न नही पहनना चाहिए जिनकी  मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ  राशि है, इन राशि वालो को पुखराज अपना उल्टा प्रभाव डाल सकता है किंतु कुछ विशेष परिस्थिति में इन राशियों को भी यह रत्न पहनाया जा सकता है, उन लोगो को भी पुखराज पहनने से बचना चाहिए जिनकी कुंडली में गुरु बलहीन होता है, स्वर्ण धातु के अलावा किसी अन्य धातु का पुखराज पहनना नुक्सान दायक भी हो सकता है।

पुखराज पहनने के फायदे ?

1: यह रत्न ब्रहस्पति के दुष्प्रभाव को हटाने के लिए होता है और ब्रह्पति के अच्छे होने से मनुष्य के जीवन में सुख समृद्धि आती है। जो व्यक्ति धन की वजह से परेशान रहते है उनके लिए पुखराज एक अच्छा उपाय साबित हो सकता है।

2: कई सारी लड़कियों और लड़को के विवाह में विलम्ब होता जाता है और उनकी शादी लंबी उम्र तक नही हो रहीं हो तो उनके लिए पुखराज रत्न एक बहुत अच्छा और लाभकारी उपाय हो सकता है। ज्योतिषों का कहना है कि पुखराज सबसे ज्यादा अविवाहित लोगो को लाभ पहुंचता है।

3: कई सारे ऐसे लोग है जिनको पाचन संबंधी समस्याएं अक्सर होती रहती हैं जो की चिकित्सक द्वारा या अन्य इलाज के द्वारा भी यह समस्या ठीक नही होती ऐसे में ज्योतिष लोग पुखराज रत्न धारण करने की सलाह देते है और इस रत्न की वजह से पाचन संबंधी समस्या ठीक हो जाती है।

4: बहुत से लोग ऐसे होते है जो की धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों में रुचि रखते है और उनकी सहायता के लिए पुखराज रत्न एक अच्छा सहायक हो सकता है।

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पुखराज पहनने के नियम ?

पुखराज रत्न का हमेशा स्वर्ण धातु में ही पहनना चाहिए कई सारे लोग पुखराज रत्न को अलग अलग धातु में बनवाकर पहनते है जो की उनके लिए लाभकारी नही होगा।

आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि किसी ज्योतिषी से यह पूछ ले की किस वजन का पुखराज उनको अधिक लाभ देगा, मैं आपको बता दूं की पुखराज धातु का लाभ लेने के लिए धातु का सही वजन का ज्ञान होना चाहिए।

स्वर्ण धातु का पुखराज रत्न बहुत लाभकारी होता है किंतु मैं आपको बता दूं की पुखराज धातु को कम से कम 7 कैरेट का होना आवश्यक होता है।

पुखराज का अधिक लाभ लेने के लिए पुखराज रत्न को ब्रहस्पति वार को धारण करना अच्छा रहता है।

पुखराज पहनने की विधि ?

पुखराज रत्न या किसी अन्य रत्न को धारण करने के लिए अपनी एक अलग विधि होती है वैसे ही पुखराज को धारण करने के लिए आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि पुखराज धातु को पंचामृत यानी की गंगाजल, घी, शक्कर, दूध और शहद में स्नान करा कर उस पर पीले फूल और हल्दी अर्पित करने चाहिए, ऊं ब्रह्म ब्र्हस्पतये नमः’ का जाप 108 बार करना चाहिए उसके बाद पुखराज को तर्जनी उंगली में धारण करना चाहिए।

किन रत्नों के साथ न करें पुखराज धारण ?

पुखराज को कभी भी नीलम, पन्ना, हीरा, गोमेद और लहसुनियां जैसे रत्नों के साथ नही पहनना चाहिए इनके साथ पुखराज धारण करने से पुखराज मनुष्य को नुकसान पहुंचा सकता है।

पुखराज के उपरत्न ? 

पुखराज एक चमत्कारी और कीमती रत्न है, यही वजह है की हर कोई इसको धारण नही कर पता। सुनैहला, केरु, घीया, केसरी, पीला हकीक और टोपाज रत्न  ये सब रत्न पुखराज के उपरत्न है, आप इन रत्नों को भी पुखराज की जगह धारण कर सकते है किंतु इन सबके भी अपने अलग अच्छे प्रभाव और बुरे प्रभाव है।

निष्कर्ष: आज मेने आपको पुखराज रत्न के लाभ, पुखराज पहनने की विधि, पुखराज किसको पहनना चाहिए और किसको नही पहनना चाहिए इसके अलावा पुखराज से जुड़ी कई अन्य जानकारी मेने आपको दी है जिसकी सहायता से आपको यह पता चलेगा की पुखराज आपको लाभ देगा या नही।

मैं आशा करता हूं कि मेरे इस लेख की सहायता से आपको लाभ पहुंचेगा और आप जिस जानकारी को खोज रहे थे आपको उसके बारे में सभी जानकारी मिल गई होगी।

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