Guru Rashi Parivartan-2022|गुरु का कुंभ राशि में परिवर्तन से 12 राशियो पर प्रभाव

Guru Rashi Parivartan-4 अप्रैल 2021 से 13.4.2022 तक रहेंगे. 14. 9. 2021   से 20.11. 2021 वक्री होकर फिर से मकर मे रहेंगे तेज गति से मीन मे जायेगे। गोचर में मकर राशि का शनि राहु वृषभ में हैं।

: इससे पहले गुरु 1मई 2009 से  1मई 2010 मे राहु मकर मे शनि कन्या मे थे। तब मुंबई अटेक, कसाव कांड,बच्चो के लिए कानून बाल श्रमिक, हवाई हाइजैक और रेलएक्सीडेंट , अर्थव्यस्था के नियम में बदलाव आया था।

2021 के बाद 2033 मे गुरू कुंभ मे आयेगे और 4 साल तक वक् नही होगे।

गुरू का गोचर तीन नक्षत्र से होगा धनिष्ठा मंगल शतभिषा राहु और पूर्वाभाद्रपद गुरू का।विभिन्न स्तर पर फलदायक होगे।

गुरु का कुंभ राशि में परिवर्तन(Guru Rashi Parivartan)

कुंभ राशि मानवीय शनि की स्थिर तामस गुण युक्त वायु तत्व राशि है ।अल्पजीवन शक्ति ,बौद्धिक अनुभव युक्त  सुसंस्कृत दृष्टिकोण, इच्छाओं का घंडा है।जो बूँद बूँद संग्रहण, संगठन,अविष्कारक, शुद्धीकरण कलात्मक साहित्यिक सलाह पुनर्निर्माण को फोकस करती है।

देवताओं के गुरु बृहस्पति आत्म कल्याण के लिए और आध्यात्मिक जीवन परलोक की बात करते हैं यह लोगो के इहसुख की कामना गुरु से होती है ।शनि की राशि में गुरु का प्रवेश  मकर में नीच के होकर जीव का नुकसान करते थे। अब कुंभ राशि में गुरु शनि का मिलन गीता ( कृष्ण)से संबंधित है ।गुरु इंद्र तीन दृष्टि से पंचम मिथुन  सप्तम दृष्टि से सिंह ,नवम से तुला पर शुभ है।*

 गुरु का परिवर्तन से मुख्य बिंदु  

1.पारिवारिक व सामाजिक स्तर 

2 महंगाई  और अर्थव्यवस्था 

3.अंतरराष्ट्रीय स्तर 

4.राजनैतिक 

5.स्वास्थ्य और बीमारियां 6.विभिन्न नक्षत्रों का फल 

7.  विभिन्न राशियो पर प्रभाव और उपचार।

सामाजिक परिवारिक 

 कुंभ का गुरु सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर कॉल पुरुष की कुंडली में कुंभ एकादश भाव का कारक है जहाँ इच्छाओ, विभिन्न सामाजिक पारिवारिक  परिवार के संस्कार ,परलोक साधना, लोगों में आपस में मेलजोल बढ़ाएंगे,मित्रता की चाह ,दार्शनिक बुद्धि का विकास जो कि गीता के उपदेश से संबंधित है। न्याय की इच्छा चाहत,  सत्य आचरण और सन्यासी जीवन की चाह, मौन तप पर लोग ज्यादा फोकस होंगे। स्वार्थी पन में कमी आएगी इसका प्रभाव उत्तर पूर्व दिशा पर ज्यादा होगा।

लोगों में संगीत, कला, औषधि निर्माण, सिल्क एथलीट्स आदि पर रुझान बढ़ेगा। वहीं पर कट्टरपंथी, वेदांती, पुरोहित, धर्म उपदेशक लोगों पर अंकुश भी लगाया जाएगा। गुरुकुल का औहदा बढ़ेगा। जहां समाज मकर राशि के गुरु में धर्म विमुख हो गए थे मंदिर आदि से दूर हो गए थे वही जीव के लिए कष्टदायक समय था  ऐसा समझे कि शिव की विनाश लीला समाप्ति की ओर हो चली है और विष्णु का संवर्धन व संरक्षण का का शुरू हो चुका है।

[ भारत की कुंडली में तुला का गुरु छठवें स्थान पर है वहीं से कुंभ का गुरु पंचम का फल देगा जो कि शिक्षा को नई दिशा देगा]

 आर्थिक 

 यह स्तर पर सरकारी ऋण वृद्धि को समाप्त करने लिए गुरु निवेश और अर्थव्यव्स्था के कारक है लोगों में संग्रहण और बचत विशेष रुप से भारत सरकार का ध्यान फोकस होगा।कार्य और व्यय के बाद प्रति व्यक्ति आय मे बढ़त और बचत  दोनो होगी।मंहगाई की मार से जनता को निजात भी मिलेगी।गुरुत्वाकर्षण बल देकर उत्पादन और वितरण मे बढ़ोतरी के संकेत हैं। लोग धन संचय को लेकर विशेष जागरूक होंगे और नया कानून बनेगा।नया अंतरराष्ट्रीय इंवेस्टमेंट दिखाई देता है ।कुंभ का गुरु बूंद-बूंद  बीमा कंपनियां विशेष रुप से  लोग जीवन आर्थिक स्तर पर बैंकिंग सेक्टर, कृषि सिंचाई, रियासत, वैज्ञानिक,अंतरराष्ट्रीय रूप से  वित्तीय पूर्ति होगी।

आत्मनिर्भर के लिए वन और जलीय ओषधि, कालपुर्जे,पंरपरा गत समानो के मोबाइल आदि के स्वलम्बी होगा।रियल एस्टेट और शेयर मार्केट मे उतार-चढ़ाव होगा।घी,स्वर्ण, रबर,धातु,जीवन शक्ति की दवाऐ,तांबा,सिल्क मंहगा होगा।प्रेटोल व तेल के दाम कम होगे।सरकार को बहुत बडा खजाना बंसुधरा या जल के अंदर से प्राप्त होगा।

विभिन्न माडलो के नये तरह के वाहन मे इन्वेस्टमेंट होगा। भूमि के दाम धीरे धीरे बढना शुरू होगा।

राजनीतिक 

राज्ज्योतिष में गुरु बहुत महत्वपूर्ण रोल में होगा संसद, लोकसभा, विधायी, राजकीय सभाओं मंडलों, निगम निकायों, जनपद परिषदों ,पंचायतों, सामान्य विधान निकायों में संशोधन पारित होंगे।

 राजाओं ने जनता के धन को खूब लुटा, मनमाने तरीके से टैक्स वसूले।जो ईश्वर भक्त है, उनको बहुत कष्ट दिए।साधु ईश्वर भक्त होकर  सत्ता की कुर्सी पर बैठ गए। जहां सेवा भावना होनी चाहिए, वहां लोगों को ही कष्ट देना शुरू किया। अब गुरु का पद जनता में पूजनीय होता है, लेकिन मकर मे गुरू (नीच )  में उसी गुरु को नीचे बैठना पड़ता है। जनता का भाव चौथा वहां गुरु को जनता व्यास के रूप  पूजती ,इसलिए अब राजा को जनता और बुद्धिजीवी वर्ग की सुनना होगी।

अंतर्राष्ट्रीय

 अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नया निवेश मिलेगा अनेक देशो से मित्रतापूर्ण संबंध होगे जिसमे वायुयान, सुख सुविधाओं का समान, कंपनियां, संघ ,सोसाइटी  को राजकीय विकास और संधियो से नया अचीवमेंट होगे।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वेदविशेषज्ञों,वैज्ञानिक, दार्शनिकता, संगीत व कला , कुश्ती, दौड, ओषधियो से भारत का विशेष नाम होगा। किसानो को विशेषज्ञ से लाभ व निर्माण , फिल्म ,अंतरिक्ष मे नयी पहल से भारत का सुख व यश मिलेगा। परमाणु ऊर्जा और वायलोजिकल औजारो पर भी विचार विमर्श अंतरराष्ट्रीय रूप मे होगा।

 स्वास्थ्य और जीवन 

भारत विभिन्न सामाजिक आर्थिक राजनीतिक सफलता  को सूचित करता है। व्यक्तियों में सकारात्मक प्रभाव आएंगे जिसके कारण से शारीरिक मानसिक रुप से लोग अच्छा महसूस करेंगे *

वंशानुगत रोगो मे वृद्धि,बुजुर्गो को कष्ट और नयी स्वास्थ नीति ,जननेंद्रिय के रोग,और पेट के रोग मे वृद्धि ,जल से संबंधित टायफाइड,पुराने रोग नियंत्रण, कारोना पर काफी हद तक काबू और ओरल टीकाकरण,वायु प्रधान राशियो पर गुरु की दृष्टि महत्वपूर्ण होगी वायु प्रदूषणऔर संक्रमणको रोका जा सकता है।

एक बार गुरू के वक् होने पर 21 जून के बाद सितंबर मे मकर मे गोचर कारोना की नयी गाइडलाइन या नया वैरीयेन्ट आने की संभावना से इंकार नही किया जा सकता है।

[ गुरू का तीनो नक्षत्रो का फलकथन]

[: गुरू धनिष्ठा,शतभिषा,पूर्वाभाद्रपद]

[ धनिष्ठा( मंगल)का गुरु 22 नवंबर 2020 से चल रहा है जो कि कुंभ राशि में जनवरी 2021तक रहेगे।

 शुक्र के तुला नवांश में तीसरे चरण मे संगीत अध्यात्म ज्योतिष,योग से नाम होगा। चौथा चरण वृश्चिक नवांश में खेलो, दौड़, किसानो नई आर्थिक नीति होगी या कृषि क्षेत्र मे नया संशोधन होगा।

शतभिषा नक्षत्र में (राहु) जनवरी 2022 से रहेगे।गुरु  नयाजीवन शुरू होने का संकेत देते है।वही, वर्षा के रूप में जल प्लावन आदि का भी संकेत देते हैं, गुप्त धन समुद्र भूमि से दुर्लभ खजाना प्राप्त होना अनुसंधान धर्म और औषधियों पर नया निर्माण कार्य ।

प्रथम नवांश में धनु में कट्टरपंथ को बढ़ावा देंगे ।

दूसरे नावाश मकर  में नियंत्रण का कार्य करेंगे ।

तीसरे नवांश में कुंभ में भविष्य के निर्माण की नई योजनाएं बनेंगी ।यह समय भारत के लिए वर्गोत्तम समय होने से दार्शनिक ता में वृद्धि होगा ।

 चौथा चरण में मीन के नवांश में साहित्य व फिल्म इंडस्ट्री परमाणु अंतरिक्ष औषधियों में भारत को महारत हासिल होगी।

 पूर्वाभाद्रपद का (गुरू) नक्षत्र 5 मार्च 2022 से शुभ और कल्याणकारी भाग्य वृद्धि वहीं पर दो चेहरे वाले लोग, कल्पनाशील रूप दिखाई देगा। इस समय गुरु आपस में द्रोह करेंगे उग्रता दिखाई देगी ।ठग विद्या पर अंकुश या हिंसा होगी विनाश के संकेत देता है ।गुप्त संगठन व रक्तपात, काला जादू, भ्रष्ट सरकारी तंत्र आदि को नष्ट करने के लिए कार्य होंगे ।यहां से एक युद्ध के संकेत भी मिलते हैं प्रथम नवांश मंगल मेष का जो आक्रामकता हिंसा से संबंध रखेगा 

दूसरा शुक्र का वृषभ का होगा भौतिक स्तर पर लड़ाई झगड़े होंगे ।

तीसरा  बुध का मिथुन का षडयंत्रों का भंडाफोड़ भी करेगा। इस तरह से विश्व का बिषउपचार, दाह संस्कार, तांत्रिक विषैली गैस रिसाव, चर्म, धातु  पुलिस हत्या, सैनिक, बायोलॉजिकल वेपंस का प्रयोग और अश्लीलता भी बढ़ती हुई अंत में दिखाई देती है।

उपचार और राशियो पर प्रभाव

 उपचार* इस समय हरिहर की उपासना, दुर्गा पाठ, कुंडली जागरण ,मेडिटेशन, गीता पाठ गंगा स्नान प्रमुख रिमेडी रहेंगी।

विभिन्न राशि

मेष

राशि को नयी पहचान देगे।मित्रो से नया अचीवमेंट होगे।भाग्य साथ देगा।आय वृद्धि।

 वृषभ राशि  मां से फायदा नए घर वाहन सुख सुविधाओं में वृद्धि करेंगे पुराने रोगों की अनदेखी न करें  कर्म क्षेत्र में भी सफलता या नेतृत्व मिल सकता है विदेश जाने के योग भी बनते हैं।

मिथुन 

पांचवी दृष्टि से मिथुन राशि पर होगा मीडिया,दलाली,आदि पर लोगो को फायदा (अंकुश सोसल मीडिया)

कर्क

राशि  को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए मानसिक और मां से संबंध बेहतर बनना चाहिए अत्यधिक काम आपको निराश  करेगा रचनात्मकता  बढ़ाना चाहिए।

सिंह

राशि के लिए जो कि संतान और शिक्षा के लिए अच्छा होगा सातवा बौद्धिक स्तर पर वृद्धि होगी नई शिक्षा प्राप्त होगी और मेडिकल क्षेत्र में नए रिसर्च होंगे जो लोग इस क्षेत्र मे होगे।

कन्या

विदेश कार्यक्षेत्र के लिए संबंध बनेंगे ।परिवार की संख्या व आय में वृद्धि होगी।पिता से फायदा व नेतृत्व मिल सकता है। या नए पार्टनरशिप से परिवर्तन आएगा।

तुला

राशि पर नवम दृष्टि से शनि की ढ़ैया से राहत मिलेगी।स्वास्थ्य मे सुधार होगा।

वृश्चिक 

भूमि और गोल्ड से लाभ।घर मे नया व्यापार व परिवार से फायदा।मां से बेहतर संबंध। आध्यात्मिक ज्ञान,विभिन्न विशोष कलाकार को सम्मान ।

धनु

छोटी यात्राओ से लाभ।भाइयो से लाभ।नया अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पार्टनरशिप, धर्म और अध्यात्म ज्ञान प्राप्त, नया अचीवमेंट या जाब।

मकर 

विदेश-मंत्रालय और स्थानो मे जाने का योग।चैरिटेबल, अस्पताल मे धन का खर्च, पुराना कर्ज और रोगो से मुक्त।

कुंभ

गुरु कुंभ राशि वालो को नया विस्तार देगा।वही सकारात्मक प्रभाव भी बढेगे।दार्शनिकता पर काम करेगे।पंरतु नकारात्मक न रहे।

मीन 

स्वास्थ्य का ख्याल मन को ध्यान के माध्यम से संतुलन बनाए। बागवानी और नये निवेश से लाभ।सामाजिक सम्मान।

अंजना हस्तरेखाविद कोलार रोड सर्वधर्म सेक्टर सी

Read Also-Paush Month

1 thought on “Guru Rashi Parivartan-2022|गुरु का कुंभ राशि में परिवर्तन से 12 राशियो पर प्रभाव”

Leave a Comment